OKIDS KAHANI की इस मजेदार कहानी में मिलिए घमंडी शेर और साहसी चूहा से। यह कहानी है ‘शेर और चूहा की कहानी | Hindi Moral Story for Kids | सीख देने वाली कहानी’ चलिए शुरू करते हैं!!

📖 Story – शेर और चूहा की कहानी | Hindi Moral Story for Kids | सीख देने वाली कहानी
एक घने जंगल में, एक बड़े पेड़ की छाया में जंगल का राजा शेर शांति से सो रहा था।
तभी एक छोटा-सा चूहा खेलता-खेलता वहाँ आ गया।
जिज्ञासा से वह शेर के पास गया… और गलती से उसकी पीठ पर चढ़ गया।
शेर (गर्जना करते हुए): “कौन है रे?! मेरी नींद खराब करने की हिम्मत किसकी हुई?”
शेर ने पलभर में पंजा बढ़ाकर चूहे को पकड़ लिया।

चूहा (काँपते हुए): “महाराज, माफ़ कर दीजिए! मैंने जानबूझकर नहीं किया।
आज अगर मुझे छोड़ देंगे तो… कभी न कभी मैं आपके काम आऊँगा।”
शेर (हँसते हुए): “तू? इतना-सा जीव? मेरे काम आएगा?”
(थोड़ा रुककर) “ठीक है… जा। लेकिन दोबारा यहाँ दिखाई मत देना।”
नरेटर: चूहा अपनी जान बचाकर वहाँ से चला गया। शेर फिर से अपने घमंड में डूब गया।
⏳ कुछ दिनों बाद…
शेर जंगल में घूम रहा था, तभी वह शिकारियों के मजबूत जाल में फँस गया।
शेर (दर्द में): “आह! मैं जितनी भी ताक़त लगा रहा हूँ… यह जाल टूट ही नहीं रहा!”
पहली बार शेर को अपनी ताक़त कम लगने लगी।
चूहा (झाड़ियों से): “महाराज… घबराइए मत। आपने मुझे जो मौका दिया था, आज मैं वही लौटाने आया हूँ।”
चूहे ने अपने तेज़ दाँतों से जाल कुतरना शुरू कर दिया।
थोड़ी ही देर में जाल टूट गया… और शेर आज़ाद हो गया!
शेर हैरान रह गया। उसे उस छोटे-से चूहे का वादा याद आ गया।
शेर (नम्रता से): “मुझे लगता था कि मैं ही सबसे ज़्यादा ताक़तवर हूँ…
लेकिन आज समझ आया, असली ताक़त कुछ और ही होती है।”
शेर (कृतज्ञता से): “छोटे दोस्त… आज तुमने मेरी जान बचा ली। मैं तुम्हें कभी नहीं भूलूँगा।”
चूहा (मुस्कुराते हुए): “महाराज, दयालुता कभी छोटी नहीं होती।”
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🧑🏻🏫 इस कहानी से क्या सीख मिलती है?
“मित्रों, इस कहानी से हमने सीखा, जिसे हम कमजोर समझते हैं, वही समय आने पर सबसे बड़ी मदद करता है।
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