खरगोश और कछुआ की कहानी 🐰🐢 | Hindi Moral Stories for Kids

OKIDS KAHANI की इस मजेदार कहानी में मिलिए खरगोश और कछुआ से। यह कहानी है ”खरगोश और कछुआ की कहानी 🐰🐢 | Hindi Moral Stories for Kids” चलिए शुरू करते हैं!

खरगोश और कछुआ की कहानी 🐰🐢 | Hindi Moral Stories for Kids
खरगोश और कछुआ की कहानी 🐰🐢 | Hindi Moral Stories for Kids

📖 Story – खरगोश और कछुआ की कहानी 🐰🐢 | Hindi Moral Stories for Kids

एक हरे-भरे जंगल में एक तेज़ दौड़ने वाला खरगोश रहता था। वह इतना तेज़ था कि सारे जानवर उसकी तारीफ़ करते थे। खरगोश छाती ठोककर कहता,

खरगोश – “मुझसे तेज़ इस जंगल में कोई नहीं! मैं नंबर वन रनर हूँ!”

बंदर -“हाँ हाँ खरगोश भाई, तुम सबसे फास्ट हो!”

तभी पास से धीरे-धीरे चलता हुआ कछुआ जा रहा था।

खरगोश -“अरे कछुए! तुम तो इतने धीमे हो कि सूरज ढल जाएगा, तब भी तुम यहाँ ही रहोगे!”

कछुआ -“खरगोश, तेज़ होना अच्छी बात है… लेकिन लगातार चलते रहना उससे भी ज़्यादा ताकतवर होता है।”

खरगोश और कछुआ की कहानी 🐰🐢 | Hindi Moral Stories for Kids

खरगोश – हा हा हा“क्या कहा? लगातार? चलो फिर रेस हो जाए!”

कछुआ -“ठीक है, कल सुबह रेस होगी।”

अगले दिन जंगल के सारे जानवर इकट्ठा हो गए।

लोमड़ी – “आज तो मज़ा आएगा!”

हिरण ने आवाज़ लगाई, “रेडी…वन टू थ्री स्टार्ट! ”

खरगोश बिजली की तरह दौड़ा। दौड़ते-दौड़ते पीछे मुड़कर चिल्लाया,

खरगोश -“कछुए! दिख भी रहे हो या नहीं?”

कछुआ धीरे से बोला

कछुआ -“मैं आ रहा हूँ… रुकूँगा नहीं।”

कुछ दूर जाकर खरगोश ने देखा कि कछुआ बहुत पीछे है। वह मुस्कुराया और बोला,

खरगोश – “यह तो अभी बहुत दूर है। मैं थोड़ा आराम कर लेता हूँ।”

वह पेड़ के नीचे लेट गया।

खरगोश – “बस दो मिनट आँख बंद करता हूँ… फिर जीत तो मेरी ही है!”

लेकिन उसे गहरी नींद आ गई। 😴उधर कछुआ खुद से कह रहा था,

कछुआ -“रुकना नहीं है… धीरे सही, पर चलते रहना है।”

जानवर फुसफुसाने लगे, “अरे! कछुआ तो फिनिश लाइन के पास पहुँच गया!”

खरगोश और कछुआ की कहानी 🐰🐢 | Hindi Moral Stories for Kids

बंदर – “उठो खरगोश! जल्दी!”

लेकिन तब तक कछुआ फिनिश लाइन पार कर चुका था। सारे जानवर तालियाँ बजाने लगे। 🎉 खरगोश घबराकर उठा।

खरगोश -“अरे! मैं सो कैसे गया?”

वह पूरी ताकत से दौड़ा, लेकिन देर हो चुकी थी। खरगोश शर्मिंदा होकर कछुए के पास आया और बोला

खरगोश – “मित्र, मुझे माफ़ कर दो। मैंने तुम्हें कम समझा।”

कछुआ मुस्कुराकर बोला,

कछुआ -“जीत घमंड से नहीं… मेहनत और लगातार कोशिश से मिलती है।”

उस दिन के बाद खरगोश ने कभी घमंड नहीं किया। दोनों अच्छे दोस्त बन गए। 🤝

🎥 पूरा वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करे:-

🧑🏻‍🏫 इस कहानी से क्या सीख मिलती है?

मित्रों, इस कहानी से हमने सीखा की, लगातार मेहनत और धैर्य से ही सच्ची जीत मिलती है।” 😊

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