शक्ति नहीं, बुद्धि जीतती है | खरगोश और शेर की कहानी

OKIDS KAHANI की इस मजेदार कहानी में मिलिए क्रूर शेर और चालाक खरगोश से। यह कहानी है ”शक्ति नहीं, बुद्धि जीतती है | खरगोश और शेर की कहानी चलिए शुरू करते हैं!

शक्ति नहीं, बुद्धि जीतती है | खरगोश और शेर की कहानी
शक्ति नहीं, बुद्धि जीतती है | खरगोश और शेर की कहानी

📖 Story – शक्ति नहीं, बुद्धि जीतती है | खरगोश और शेर की कहानी

एक विशाल जंगल में एक क्रूर और घमंडी शेर रहता था। वह अपनी भूख से कहीं ज्यादा जानवरों का शिकार करता था। पूरे जंगल में उसका आतंक फैला हुआ था।

डरे हुए जानवरों ने एक दिन सभा बुलाई। बहुत विचार-विमर्श के बाद वे शेर की गुफा के बाहर पहुँचे। शेर दहाड़ते हुए बाहर निकला और बोला,
“क्यों आए हो सब? क्या अपनी मौत खुद बुलाने आए हो?”

शक्ति नहीं, बुद्धि जीतती है | खरगोश और शेर की कहानी

हाथी ने विनम्रता से कहा,
“महाराज, हम एक प्रस्ताव लेकर आए हैं। आप रोज कई जानवरों को मारते हैं। उसकी जगह हम प्रतिदिन एक जानवर स्वयं आपके पास भेज दिया करेंगे। इससे आपको शिकार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और जंगल के बाकी प्राणी सुरक्षित रहेंगे।”

शेर ने कुछ देर सोचा। उसे बिना मेहनत के भोजन मिल रहा था, इसलिए वह मान गया। उसने चेतावनी देते हुए कहा,

“ठीक है! लेकिन जिस दिन भोजन नहीं आया… उस दिन मैं पूरे जंगल को खत्म कर दूँगा!”

कुछ दिनों तक सब ठीक चलता रहा। फिर एक दिन एक छोटे से खरगोश की बारी आई। वह आकार में छोटा था, पर बुद्धि में बहुत बड़ा था। उसने मन ही मन सोचा, “शक्ति से नहीं… बुद्धि से जीतना होगा।”

वह जानबूझकर देर से चला। रास्ते में उसे एक गहरा, पुराना कुआँ दिखा और तभी उसके मन में एक योजना आई।

उधर शेर भूख से व्याकुल होकर चिल्ला रहा था,
“आज इतनी देर क्यों? मैं सबको मार डालूँगा!”

तभी खरगोश हाँफता हुआ पहुँचा और बोला,
“क्षमा करें महाराज! मेरी गलती नहीं है…”

शेर गरजा,
“और तुम इतने छोटे! तुम्हें खाकर मेरा पेट भी नहीं भरेगा!”

खरगोश बोला,
“महाराज, हम पाँच खरगोश आ रहे थे। लेकिन रास्ते में एक और शेर मिल गया। उसने कहा कि वही असली राजा है। उसने चार खरगोशों को खा लिया… और मुझे आपको संदेश देने भेजा।”

यह सुनते ही शेर का अहंकार भड़क उठा। वह गरजते हुए बोला,
“कहाँ है वह बदमाश? मुझे दिखाओ!”

खरगोश उसे उसी पुराने कुएँ के पास ले गया और बोला,
“महाराज, वह इसी कुएँ के अंदर अपने किले में छिपा है।”

शेर ने गुस्से में कुएँ के अंदर झाँका। पानी में उसे अपनी ही परछाईं दिखाई दी। उसने दहाड़ लगाई — और उसकी गूँज वापस आई। अब उसे पूरा विश्वास हो गया कि दूसरा शेर अंदर है। क्रोध में अंधा होकर वह कुएँ में कूद पड़ा। कुआँ बहुत गहरा था, और शेर पानी में डूब गया।

शक्ति नहीं, बुद्धि जीतती है | खरगोश और शेर की कहानी

खरगोश खुशी-खुशी वापस लौटा और सभी जानवरों को यह खुशखबरी सुनाई। जंगल में फिर कभी डर की दहाड़ नहीं गूँजी। धीरे-धीरे जंगल में खुशियाँ लौट आईं।

छोटा सा खरगोश अब सबकी नज़रों में नायक बन चुका था।

🎥 पूरा वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करे:-

🧑🏻‍🏫 इस कहानी से क्या सीख मिलती है?

मित्रों इस कहानी में हमने ये सिखा कि, जहाँ बुद्धि साथ हो, वहाँ सबसे बड़ी ताकत भी हार जाती है।” 😊

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